आज शनिवार है
रविवार आने की उत्सुकता सबको रहती है. इस दिन सामान्यत मौज मस्ती और किसी से मिलाने का वादा होता है. लेकिन रुकिए. आज शनिवार है एक दिन और इंतज़ार कीजिये.
रविवार आने की उत्सुकता सबको रहती है. इस दिन सामान्यत मौज मस्ती और किसी से मिलाने का वादा होता है. लेकिन रुकिए. आज शनिवार है एक दिन और इंतज़ार कीजिये.
आँखें खुली होतीं है तो सामने होते हो, जब बंद होती हैं तो पलकों के अन्दर होते हो, जब अकेली होती हूँ तो शरारत करते हो. तुम चोर हो, चोरी करते हो.
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यह नफ़रत नही, एक सूरत है
तुम्हारी नाराजगी मेरी जरूरत है
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एक जीवन, जवानी से बुढ़ापे की ओर कब अग्रसर हो जाता है, पता ही नही चलता. जन्मदिन के अवसर पर एक प्रौढ़ महिला की अपनी टीनएजर तस्वीर से संवाद के कुछ अंश.
यह सन्नाटा, एक भ्रम है या सच्चाई. बहुत दिन हुआ कोई आवाज नही आयी. प्रेम संबंधों में लम्बी जुदाई आधारित कविता.
एक भ्रम है या सच्चाई Read More »
यह व्यक्ति विशेष पर आधारित सेवा निवृति कर्मचारी के विदाई समारोह व्यक्त की गयी कविता. सेवा निवृत कर्मचारी ज्यादा बात करने के लिए बदनाम है.
वे बातें बहुत करते हैं Read More »
यह अभिव्यक्ति गांवों की प्राकृतिक सुन्दरता को चित्रित कराती है. जब आप शहरी जीवन से उबकर गाँव में जायेंगे तो यही कहेंगे ” बेहतर लगी जिंदगी “
तर्कों और भावनाओं का खेल है, कभी तकरार कभी मेल है, इस छोर से उस मोड़ तक जाना होता है,
कुछ लिखना मुश्किल होता है.
लिखना मुश्किल होता है Read More »
महान अभिनेता इरफ़ान खान का देहांत हो गया. यह उनके अभिनय की पराकाष्टा थी कि लोगों को विशवास नहीं हुआ और लोग बोल पड़े ” उसका जाना कोई अभिनय तो नहीं ?
उसका जाना कोई अभिनय तो नही Read More »