Rp Insight

यात्रा तो शुरू करो, रास्ते मिल ही जायेंगें -- आर.पी.यादव

तुम्हारा हर एक दिन, एक जीवन के समतुल्य है -- आर.पी.यादव

सूर्यास्त होने तक मत रुको, चीजें तुम्हे त्यागने लगे, उससे पहले तुम्ही उन्हें त्याग दो -- रामधारी सिंह दिनकर

हर परिस्थिति में एक खुबसूरत स्थिति छुपी होती है --आर पी यादव

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समान्तर रेखाएं
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समान्तर रेखाएं

कुछ ऐसे रिश्ते होते है जो न आगे बढ़ते हैं और न पीछे हटते हैं. ऐसे रिश्ते एक निश्चित दूरी पर स्थिर बने रहते है. ” समान्तर रेखाएं ” उन्ही रिश्तो का चित्रण है.

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रिश्तों की बंदिश
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रिश्तों की बंदिश

दो व्यक्तियों के बीच एक प्राकृतिक रिश्ता बन जाता है किन्तु समाज इसकी स्वीकृति नहीं देता. प्रेमी रिश्तों की बंदिश से निकालने के लिए जीवन भर फडफडाते रहते है.

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थोड़ा पीछे रहा करो
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थोड़ा पीछे रहा करो

कुछ लोग बचपन और जवानी में ही वैराग्य की ओर मुड़ जाते हैं. उन्हें हिदायत देती यह कविता कहती है
” अभी, उम्र से आगे क्यों हो , थोड़ा पीछे रहा करो. “

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