Rp Insight

यात्रा तो शुरू करो, रास्ते मिल ही जायेंगें -- आर.पी.यादव

तुम्हारा हर एक दिन, एक जीवन के समतुल्य है -- आर.पी.यादव

सूर्यास्त होने तक मत रुको, चीजें तुम्हे त्यागने लगे, उससे पहले तुम्ही उन्हें त्याग दो -- रामधारी सिंह दिनकर

हर परिस्थिति में एक खुबसूरत स्थिति छुपी होती है --आर पी यादव

Insideme.in : RP Yadav

Poetry

क्या भाग्य कर्म से ऊपर है ?

एक व्यक्ति,
हर रोज सुबह सबेरे,
एक नियत समय पर,
अपने अभीष्ट देव के सामने,
हाथ जोड़कर नतमष्तक होता है.
क्या भाग्य कर्म से ऊपर है ?

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इस उम्मीद में कि
Poetry

इस उम्मीद में कि…

अक्सर व्यक्ति वर्तमान परिस्थितियों के गिरफ्त में इस प्रकार आ जाता है कि उसकी सभी इक्क्षाएं क्षीण होती नजर आती हैं. उम्र गुजरती जाती है और इक्षाएं इन्तजार करती रहतीं है.

इस उम्मीद में कि… Read More »

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