कोई होता है मेरे आस-पास
अक्सर,
कोई होता है मेरे आस- पास
पर दिखाई नहीं देता,
खिचता है अपनी तरफ वह
किसी अदृश्य डोर से,
बदल जाती हैं दिशाएं
न जाने किस मोड़ से..
कोई होता है मेरे आस-पास Read More »
अक्सर,
कोई होता है मेरे आस- पास
पर दिखाई नहीं देता,
खिचता है अपनी तरफ वह
किसी अदृश्य डोर से,
बदल जाती हैं दिशाएं
न जाने किस मोड़ से..
कोई होता है मेरे आस-पास Read More »
जब जिन्दगी,
किसी सीधी सड़क से उतर कर
पगडंडी की ओर मुड़ जाती है,
लक्ष्य पाने की तमन्ना
जब टुकड़ों में बट जाती है,
कविता क्या होती है ? Read More »
एक दिन की जिन्दगी,कुछ और नहीं
सौ वर्ष की बड़ी जिन्दगी की एक छोटी सी तस्वीर है.
इस तस्वीर मेंवो सब कुछ नजर आता है,
जो सौ वर्ष की जिन्दगी मेंहर मोड़ पर
सन्नाटों ने कहा है जो कुछ,
दीवारों ने सुना है जो कुछ,
उन बातों पर इकरार करेगें,
सोचा था आज बात करेंगे…
सोचा था आज बात करेगे Read More »
आजकल के कुछ सुविधा संपन्न बच्चों के दिनचर्या पर आधारित संदेशात्मक रचना .
क्या यही जिन्दगी है ? Read More »
आज रात
बर्षों बाद चाँद को देखा था
उस चाँद को,
जिससे रिश्ता है
बचपन की यादों का
अनोखा अनुभव है
साथ गुजरे रातों का