तुम्हारी नाराज़गी मेरी ज़रूरत है
यह नफ़रत नही, एक सूरत है
तुम्हारी नाराजगी मेरी जरूरत है
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यह नफ़रत नही, एक सूरत है
तुम्हारी नाराजगी मेरी जरूरत है
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एक जीवन, जवानी से बुढ़ापे की ओर कब अग्रसर हो जाता है, पता ही नही चलता. जन्मदिन के अवसर पर एक प्रौढ़ महिला की अपनी टीनएजर तस्वीर से संवाद के कुछ अंश.
यह सन्नाटा, एक भ्रम है या सच्चाई. बहुत दिन हुआ कोई आवाज नही आयी. प्रेम संबंधों में लम्बी जुदाई आधारित कविता.
एक भ्रम है या सच्चाई Read More »
यह व्यक्ति विशेष पर आधारित सेवा निवृति कर्मचारी के विदाई समारोह व्यक्त की गयी कविता. सेवा निवृत कर्मचारी ज्यादा बात करने के लिए बदनाम है.
वे बातें बहुत करते हैं Read More »
यह अभिव्यक्ति गांवों की प्राकृतिक सुन्दरता को चित्रित कराती है. जब आप शहरी जीवन से उबकर गाँव में जायेंगे तो यही कहेंगे ” बेहतर लगी जिंदगी “
तर्कों और भावनाओं का खेल है, कभी तकरार कभी मेल है, इस छोर से उस मोड़ तक जाना होता है,
कुछ लिखना मुश्किल होता है.
लिखना मुश्किल होता है Read More »
महान अभिनेता इरफ़ान खान का देहांत हो गया. यह उनके अभिनय की पराकाष्टा थी कि लोगों को विशवास नहीं हुआ और लोग बोल पड़े ” उसका जाना कोई अभिनय तो नहीं ?
उसका जाना कोई अभिनय तो नही Read More »
हर रात हारता हूं मै,
उसके अजीब सवालों से,
हर बार जीतता है वह मुझसे,
अपनी तीखे संवादों से.
वही सवाल कल रात फिर पूछेगा वह .
कल रात फिर वह पूछेगा Read More »
सुना-सुना सा लगता है, कुछ सुने बिना, एक दूसरे के चाहत को नजरअंदाज करते हैं, चलो तकरार करते हैं . प्रेम में तकरार जरुरी है.
चलो, तकरार करते हैं Read More »
सुबह का खूबसूरत सूरज,
रात में किन रास्तों से गुजरता है,
उस सफ़र का एक झलक भी चाहिए,
आप से बात करने के लिए,
जिरह नही,
कुछ वज़ह चाहिए ..